भारत का केंद्रीय बजट: क्या यह 'विकसित भारत' की ओर एक सही कदम है?
भारत का केंद्रीय बजट: क्या यह 'विकसित भारत' की ओर एक सही कदम है? भारत का केंद्रीय बजट सिर्फ आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों का आईना है। हर साल जब वित्त मंत्री संसद में अपना ब्रीफकेस (या अब डिजिटल टैबलेट) लेकर पहुँचती हैं, तो पूरा देश अपनी सांसें थामकर टीवी स्क्रीन से चिपक जाता है। मिडिल क्लास को टैक्स में छूट चाहिए, युवाओं को रोजगार की गारंटी, और किसानों को अपनी फसल का सही दाम। लेकिन क्या इस साल का बजट इन सभी मोर्चों पर खरा उतरा है? आइए, इस ब्लॉग में हम बजट की परतों को खोलते हैं और समझते हैं कि आपके और मेरे जीवन पर इसका क्या असर होने वाला है। 1. बजट की बड़ी बातें: एक नजर में इस साल के बजट का मुख्य फोकस चार स्तंभों पर रहा है: गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी शक्ति। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका लक्ष्य 2047 तक भारत को एक 'विकसित राष्ट्र' बनाना है। बजट के मुख्य आकर्षण: इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश: सड़कों, रेलवे और हवाई अड्डों के जाल को और मजबूत करने के लिए रिकॉर्ड फंड। डिजिटल इंडिया 2.0: AI और सेमीकंडक्टर मिशन के लिए नई घो...